Monday, July 13, 2020

Kitni Sunder Anupam Rama - कितनी सुंदर अनुपम रमा

कितनी सुंदर अनुपम रमा


कितनी सुंदर अनुपम रमा
चाँद भीम है तो पुनम रमा
॥ धृ ॥
झिल में भीम खिलता कमल
उस कमल पर है शबनम रमा
कितनी सुंदर अनुपम रमा
॥ १ ॥
हमे भीम से बहारे मिली
उन बहारों का मौसम रमा
कितनी सुंदर अनुपम रमा
॥ २ ॥
दुखः जो झेला तो सुखः भी मिला
ऐसा सुखः - दुखः का संगम रमा
कितनी सुंदर अनुपम रमा
॥ ३ ॥
भीम बाबाने जो भी लिखा
उन किताबो का अल्बम रमा
कितनी सुंदर अनुपम रमा
॥ ४ ॥
मौत से शेरे दिल भीम लढा
शेरे दिल कि थी हमदम रमा
कितनी सुंदर अनुपम रमा
॥ ५ ॥
चार बच्चों को दफ़ना दिया
पी गयी सारा मातम रमा
कितनी सुंदर अनुपम रमा
॥ ६ ॥
अय प्रतापसिंग मेरी मौसिकी
मेरे गीतों का सरगम रमा
कितनी सुंदर अनुपम रमा
॥ ७ ॥

कवि / गायक : प्रतापसिंग दादा बोदडे

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