Saturday, July 11, 2020

Wo Hai Maai Bhimai Ka Lal - वो है माई भीमाई का लाल

💜💜~ वो है माई भीमाई का लाल ~💜💜

महु के बच्चो में इक बच्चा चले शेर कि चाल 
गोरे गोरे गाल है जिसके और घुंगराले बाल
वो है माई भीमाई का लाल, वो है माई भीमाई का लाल
                                                                         ॥ धृ ॥
बडा हटिल बदन गठिला बालक सबसे न्यारा
प्यार कि बोली बोले जैसे एक पपिहा प्यारा
प्यार का तोहफ़ा लेकर आया सन एक्यानवे साल
वो है माई भीमाई का लाल, वो है माई भीमाई का लाल
                                                                           ॥ १ ॥
नौ महिनों में नौ युगों का एक गर्भ का गोला
भीमाई कि कोख से निकाला सबका तन मन डोला
ऊंगली है तलवार तो उसका सिना भी है ढाल
वो है माई भीमाई का लाल, वो है माई भीमाई का लाल
                                                                          ॥ २ ॥
कमल नयन है और है उसका हाथी जैसा माथा
जो भी देखे उसको भैय्या जड जाता है नाता
गौर से देखों तो लगता है प्यारा दिनदयाल
वो है माई भीमाई का लाल, वो है माई भीमाई का लाल
                                                                         ॥ ३ ॥
क्या खूब है बदन कि खुशबू घर आंगन महेकाए
फ़ुलों चंदन कस्तुरीसे बढकर खुशबू आये
प्रतापसिंगने लिखा है ये छोटासा एहेवाल
वो है माई भीमाई का लाल, वो है माई भीमाई का लाल
                                                                           ॥ ४ ॥



                                 कवि / गायक : प्रतापसिंग दादा बोदडे

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